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देश के सबसे पुराने मेडिकल कॉलेजों में से एक मद्रास मेडिकल कॉलेज

July 18, 2019

मद्रास मेडिकल कॉलेज,चेन्नई भारत के तीन सबसे पुराने मेडिकल कॉलेजों में से एक है| जिसकी स्थापना मद्रास के गवर्नर सर फ्रेडरिक एडम ने 2 फरवरी 1835 में की थी |

1835 में स्थापित इस मेडिकल कॉलेज का इतिहास इससे भी पुराना है| ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीमार सैनिकों का इलाज करने के लिए 16 नवम्बर 1664 को गवर्नमेंट जेनरल हॉस्पिटल की स्थापना  हुई थी| शुरुवाती दिनों में हॉस्पिटल फोर्ट सत. जॉर्ज में चलता था बाद में जाकर 1772 में हॉस्पिटल अपने वर्तमान स्थान पर बस गया|

1827 में डॉ विलियम मोर्तिमर (सुप्रीटेनडेंट ऑफ़ हॉस्पिटल) ने कॉलेज की शुरुआत एक मेडिकल हॉल से की जिसमे यूरोपियन , यूरेशियन और भारतीयों को वेस्टर्न तरीके से डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट करने के बारे में बताया जाता था |हालांकि उस समय यह कोई औपचारिक मेडिकल स्कूल नहीं था | मद्रास मेडिकल स्कूल, गवर्नर जनरल हॉस्पिटल से सम्बद्ध था जिसे स्टेट स्पोंसर करती थी |

This plaque is currently located near the office of the Dean,
        Madras Medical College (from www.mmc.tn.gov.in)

भारतीय छात्रों ने 1842 से इस मेडिकल स्कूल में दाखिला लेना शुरू कर दिया था|वर्ष 1850 में इसे कॉलेज का स्टेटस दिया गया जिसके बाद से इसका नाम मद्रास मेडिकल कॉलेज पड़ गया| कॉलेज का पहला बैच 1852 में ग्रेजुएट हुआ था | 1857 से 1888 तक मद्रास मेडिकल कॉलेज यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास से एफिलिएटेड था उसके बाद यह तमिल नाडू डॉ ऍम जी आर मेडिकल यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड हो गया|

मद्रास मेडिकल कॉलेज ने कई प्रतिष्ठित डॉक्टर दिए हैं, जिन्होंने मेडिकल के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की है|

महिला सशक्तिकरण में मद्रास मेडिकल कॉलेज की भूमिका अहम रही है क्योंकि जब ब्रिटेन में महिलाओं का मेडिकल कॉलेज में पढना बहुत बड़ा मुद्दा हुआ करता था उस समय मद्रास मेडिकल कॉलेज में महिलाओं को दाखिला आसानी से मिल जाता था| मद्रास की पहली महिला डॉक्टर मुथुलक्ष्मी रेड्डी इसी कॉलेज से ग्रेजुएट थीं और 1912 में लेजिस्लेटिव कौंसिल की पहली महिला मेम्बर भी बनी |

विश्व की पहली 4 महिला मेडिकल स्टूडेंट में से एक पायनियर ब्रिटिश महिला फिजिशियन डॉ मैरी स्करिलिएब ने इस कॉलेज से पढाई की थी क्योंकि उन्हें ब्रिटिश मेडिकल कॉलेज में पढने की इजाजत नहीं मिली थी | डॉ मैरी स्करिलिएब इंग्लिश स्पीकिंग वर्ल्ड की पहली महिला डॉक्टर भी थीं |

वह मद्रास मेडिकल कॉलेज ही है जहां भारत के पहले HIV केस की पहचान की गई थी |

मद्रास मेडिकल कॉलेज और  गवर्नमेंट जेनरल हॉस्पिटल का कैंपस 47.5 एकड़ में फैला है| वर्तमान में मद्रास मेडिकल कॉलेज 5 अंडरग्रेजुएट डिग्री (एमबीबीएस, बैचलर ऑफ फार्मेसी,बेसिक बीएससी नर्सिंग,पोस्ट बीएससी नर्सिंग और B.P.T) ऑफर करती है| पोस्टग्रेजुएशन की बात करें तो कॉलेज 17 विषयों में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा ,25 विषयों में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और 14 विषयों में सुपरस्पेशलिटी डिग्री ऑफर करती है|

मद्रास मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 85% सीट्स स्टेट कोटा ओर शेष 15% सीट्स आल इन्डिया कोटा के अंतर्गत् आती है| जबकी सभी पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा/ सभी एमडी / एमएस कोर्सेज में 50% सीट्स पर स्टेट कोटा और शेष 50% सीट्स पर आल इन्डिया कोटा के तहत एडमिशन होता है|

यह भारत का पहला मेडिकल कॉलेज है जहां सबसे पहले मेडिकल में पोस्ट ग्रेजुएशन की शुरुआत हुई थी | गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल की बात करें तो हॉस्पिटल में 2722 बेड के साथ एशिया की सबसे बड़ी ट्रीटमेंट की सुविधाएं उपलब्ध है|

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