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Health Ministry: एनिमल फ़ूड इंडस्ट्री में कोलिस्टिन बैन

July 22, 2019

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोलिस्टिन के निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबन्ध लगाने का आदेश दिया है| कोलिस्टिन भोजन बनाने वाले जानवरों, मुर्गीपालन, जलीय कृषि और पशु आहार की खुराक के फार्मूलेशन के रूप में उपयोग में लाया जाता है।

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26 ए के प्रावधानों के तहत प्रतिबन्ध लगाया गया है।

पिछले साल के अंत में, अपोलो कैंसर अस्पताल, चेन्नई और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर के शोधकर्ताओं ने ग्लोबल एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के जर्नल के एक पेपर में दावा किया था, कि चेन्नई भर से उठाए गए कच्चे खाद्य पदार्थों के नमूनों से कोलिस्टिन-प्रतिरोधी बैक्टीरिया का सकारात्मक परीक्षण प्राप्त हुआ|जिसका मतलब हुआ कि बैक्टीरिया ने सबसे असरदार एंटीवायोटिक के ख़िलाफ भी प्रतिरोध क्षमता विकसित कर ली है|

हाल के वर्षों में, मेडिकल प्रोफैशनल्स ने उन रोगियों की संख्या से चिंता जताई जिनमे इस
एंटीबायोटिक दवा का प्रतिरोध विकसित हो गया है|

भारत में एंटीबायोटिक प्रतिरोध का एक कारण पोल्ट्री उद्योग में कोलिस्टिन के अवांछित उपयोग है।यह पशु चिकित्सा में चिकित्सीय उद्देश्य के लिए एक एंटीबायोटिक है लेकिन इसका विकास प्रवर्तक के रूप में पोल्ट्री उद्योग में अत्यधिक दुरुपयोग हो रहा है।

कोलिस्टीन है क्या ?

कोलिस्टीन (Colistin) एक एंटीबायोटिक है जो जीवाणुओं के विकास को रोककर बैक्टीरियल संक्रमण का इलाज करता है। यह पेट और आंतों के संक्रमित ग्राम-नकारात्मक बैक्टीरिया के संक्रमण के इलाज के लिए एक बहुत ही प्रभावी दवा है।इसे पॉलिमैक्सीन-ई के नाम से भी जाना जाता है|

भारत की सबसे पुरानी मॉडर्न यूनिवर्सिटी कलकत्ता यूनिवर्सिटी
भारत की सबसे पुरानी आधुनिक यूनिवर्सिटी कलकत्ता यूनिवर्सिटी

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