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एचआरडी मंत्रालय: पिछले दो सालों में 2,461 स्टूडेंट्स ने IITs से किया ड्रॉपआउट

August 6, 2019

पिछले दो सालों में 23 इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) कॉलेजों से 2,461 स्टूडेंट्स ने बीच सत्र में ही कॉलेज छोड़ दिया|जहाँ 57% ड्रापआउट आईआईटी दिल्ली और आईआईटी खड़गपुर से थे| 25 जुलाई को जारी डेटा में पिछले दो वर्षों में सबसे अधिक IIT दिल्ली में 782 ड्रॉपआउट हुए , जबकि IIT खड़गपुर में यह संख्या 622 थी|

कानपुर, बॉम्बे और मद्रास जैसे अन्य आईआईटी में यह संख्या कहीं कम थी। जहाँ 263 छात्र IIT बॉम्बे से बाहर हो गए, 190 IIT कानपुर से बाहर हो गए और IIT मद्रास से केवल 128 स्टूडेंट् ने ड्रॉपआउट किया।

इनमे पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी करने वाले स्टूडेंट्स में ड्रॉपआउट करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या सबसे अधिक है| इसके लिए अन्य कॉलेजों में शिफ्ट करने, व्यक्तिगत कारणों, चिकित्सा कारणों, पीजी पाठ्यक्रमों के दौरान प्लेसमेंट और विदेश में उच्च शिक्षा का पीछा करने जैसे कारणों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

एक और दिलचस्प पहलू जो डेटा से निकलता है, वह है कि ड्रॉपआउट्स का 1,171, जो कि 47.5% है, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी से हैं।

एचआरडी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि के दौरान, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट के 99 स्टूडेंट्स ने ड्रॉपआउट किया|

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