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Study:2100 तक हर साल भारत में लगभग 1.5 मिलियन लोग जलवायु परिवर्तन के कारण एक्सट्रीम हीट के चलते मारे जा सकते हैं

November 4, 2019

एक नए अध्ययन में पाया गया है कि 2100 तक हर साल भारत में लगभग 1.5 मिलियन लोग मारे जा सकते हैं।यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो, यूएसए में टाटा सेंटर फॉर डेवलपमेंट (टीसीडी) द्वारा किए गए अध्ययन में कहा गया है कि ग्रीनहाउस गैसों के निरंतर उच्च उत्सर्जन से 2100 तक भारत के औसत वार्षिक तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का अनुमान है।

अध्ययन के मुताबिक जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में वृद्धि के चलते उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र इन छह राज्यों का कुल मौतों में 64 प्रतिशत योगदान का अनुमान है| जबकि दिल्ली में 2100 तक 22 गुना अधिक गर्म दिनों का अनुभव करने का अनुमान है, हरियाणा 20 गुना अधिक गर्म होगा, पंजाब और राजस्थान क्रमशः 17 सात गुना अधिक गर्म होंगे।

भारत में जलवायु परिवर्तन के कारण मृत्यु दर में वृद्धि का अनुमान है, जो वर्तमान मृत्यु दर के लगभग 10 प्रतिशत के बराबर है। अध्ययन में कहा गया है कि लगातार उत्सर्जन के परिदृश्य के तहत सदी के अंत तक प्रति 100,000 जनसंख्या में 60 मौतें होंगी।

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