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Study:दक्षिण भारत में मानसिक विकारों से ग्रसित लोगों की संख्या सबसे अधिक

December 29, 2019

दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक, और आंध्र प्रदेश राज्यों में मानसिक विकारों से प्रभावित लोगों की संख्या उत्तर भारत की तुलना में काफी देखी गई|1990 से मानसिक स्वास्थ्य के लिए बीमारी के बोझ के पहले व्यापक अनुमानों को इंडियन स्टेट-लेवल डिसीज बर्डन इनिशिएटिव और द लैंसेट साइकेट्री ने प्रकाशित किया है।

अध्ययन में पाया गया है कि 2017 में सात भारतीयों में से एक मानसिक विकारों से पीड़ित था। इनमें डिप्रेशन, चिंता विकार, सिज़ोफ्रेनिया, द्विध्रुवी विकार, idiopathic developmental intellectual disability , कंडक्ट डिसऑर्डर और आटिज्म, शामिल हैं। सभी मानसिक विकार पीड़ितों में 33.8% डिप्रेशन, 19% एंग्जाइटी और 9.8% लोग सिजोफ्रेनिया से पीड़ित थे। 

हैरान करने वाली बात यह है कि 2017 में मानसिक बीमारी के रोगियों की संख्या 1990 की तुलना में दोगुनी हो गई है। 1990 में कुल रोगियों की संख्या में 2.5% रोगी मानसिक विकारों से पीड़ित होते थे, जबकि 2017 में यह संख्या बढ़कर 4.7% हो गई।


अध्ययन के मुताबिक देश में 2017 में 19.7 करोड़ लोग मानसिक विकार से ग्रस्त थे। जिनमे तमिलनाडु में सबसे ज्यादा डिप्रेशन के मरीज पाए गए, और वहीं सबसे कम एंग्जाइटी से प्रभावित लोग मध्यप्रदेश में पाए गए थे|

सबसे कम एंग्जाइटी से प्रभावित राज्यों में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, बिहार और मेघालय का नाम दर्ज किया गया|

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