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विटामिन-D इंसान के स्वास्थ्य को किस हद तक करता है प्रभावित

January 17, 2020

विटामिन-D का सीधा और मुफ्त श्रोत है धूप बावजूद इसके आज बड़ी संख्या में लोगों में इसकी कमी है| हड्डी को मजबूत करने और इन्फेक्शन्स से लड़ने के लिए विटामिन-D बड़े काम की चीज है|विटमिन डी की सबसे बड़ी खासियत है कि यह शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व भी है और हॉर्मोन भी। इतना ही नहीं यह सूर्य से मिलने वाला इकलौता विटमिन जो हमें कई दूसरी बीमारियों से यह बचाता भी है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों की तुलना में महिलाओं में विटमिन डी की कमी के मामले ज्यादा होते हैं। इसकी बड़ी वजह माहवारी और प्रेग्नेंसी है।

विटामिन डी मनुष्य के लिए कितना जरूरी ?

इम्यून सिस्टम में, विटामिन डी संक्रमण से लड़ने और सूजन को कम करने की आपकी क्षमता को बेहतर बनाने का काम करता है। यह नर्व्स और मसल्स के कोऑर्डिनेशन को कंट्रोल करता है, और हड्डियों, मसल्स और लिगामेंट्स को मजबूत बनाता है। साथ ही विटमिन डी कैंसर को रोकने में भी मदद करता है।

विटामिन डी के कमी का लक्षण
-शरीर में लगातार दर्द रहना
-ज्यादा थकान रहना
-दिनभर सुस्ती रहना
-जोड़ों में दर्द होना
-खासकर कुल्हों और घुटनों में दर्द का लगातार होना

विटामिन डी की कमी किस तरह करती है लोगों को प्रभावित?

अमूमन लोग यह सोचते हैं कि विटमिन डी की कमी है तो हड्डियां ही कमजोर होंगी और दर्द की समस्या रहेगी जबकि हकीकत यह है कि टीबी, डायबीटीज, हाइपरटेंशन, मंदबुद्धि, कैंसर, कमजोर इम्यूनिटी और कई संक्रामक बीमारियों की वजह भी विटमिन डी की कमी बनती है।

हड्डियों का कमजोर और खोखला होना
-जोड़ों, मसल्स का कमजोर होना और दर्द रहना
-इम्युनिटी कम होना
-बाल झड़ना
-बेचैनी और मूड स्विंग्स
-इनफर्टिलिटी का बढ़ना
-पीरियड्स का अनियमित होना
-हड्डियों का खोखला होना और हड्डियों का कमजोर होना
-बार-बार फ्रेक्चर होना

विटमिन डी के श्रोत

विटामिन डी को सनशाइन विटामिन कहा जाता है क्योंकि यह सूरज के संपर्क में आने के बाद त्वचा में बनता है। सूर्य के अलावा यह विटमिन बादाम, अंडा, मछली, आदि में मिलता है। शरीर के लिए जरूरी विटमिन डी का 80 प्रतिशत हिस्सा धूप से मिलता है, जबकि डायट से 20 प्रतिशत।

सर्दियों में किस तरह करें विटामिन डी की पूर्ती

सर्दियों में, मनुष्य अधिक संक्रमण के संपर्क में आते हैं क्यूंकि वे धूप के संपर्क में कम ही आ पातें हैं। जिसके लिए सर्दियों में, उच्च विटामिन डी भोजन के अलावा, वयस्कों को विटामिन डी के प्रति दिन कम से कम 600 आईयू प्राप्त करने के लिए खाद्य पदार्थों और / या सप्लीमेंट फ़ूड से अतिरिक्त विटामिन डी लेना चाहिए। जिन लोगों की त्वचा गहरी है या धूप से बचते हैं उन्हें रोजाना अधिक विटामिन डी खाना चाहिए।

क्या त्वचा का रंग भी विटामिन-D को प्रभावित करता है?

हाँ, डार्क-स्किन वाले व्यक्तियों में फेयर स्किन वाले व्यक्तियों की तुलना में विटामिन डी साल भर कम होता है क्योंकि गहरे रंग की त्वचा यूवी डी किरणों को विटामिन डी पैदा करने से रोकती है। हालांकि, गहरे रंग के व्यक्तियों में भी विटामिन डी सर्दियों में सबसे कम होता है।

धूप सेंकने का सही समय और तरीका
-इस बात पर बहुत विवाद है कि विटमिन डी के लिए धूप सेंकने का सही समय क्या है। इसके लिए अलग-अलग एक्सपर्ट्स अलग-अलग टाइम बताते हैं। लेकिन इसका सीधा फॉर्म्युला यह है कि जब धूप में आपकी परछाई, आपके कद से छोटी बने, तब धूप सेंकना बेहतर है।
-सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक 45 मिनट के लिए धूप में रहने से फायदा होता है। यहां इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि 45 मिनट बैठने से सिर्फ एक दिन की जरूरत पूरी होती है

एक स्वस्थ मनुष्य में विडामिन डी की मात्रा

वास्तव में कितना विटामिन डी स्वस्थ वयस्कों में होना चाहिए यह बहस का विषय है| कुछ अधिकारी प्रतिदिन 200 IU से 2,000 IU प्रति दिन की सिफारिश करते हैं। अमेरिका में, चिकित्सा संस्थान वयस्कों के लिए प्रति दिन 600-800 आईयू की सिफारिश करता है, जबकि एंडोक्राइन सोसाइटी बताती है कि ऑप्टीमल विटामिन डी की स्थिति में प्रति दिन 1500-2,000 आईयू की आवश्यकता हो सकती है।

कैल्शियम और विटमिन डी के बीच का कनेक्शन

कैल्शियम हड्डियों का एक मुख्य तत्व है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। गौर करने की बात है कि कैल्शियम तभी शरीर में जज्ब हो पाता है जब विटमिन डी का लेवल ठीक हो। यानी अगर विटमिन डी कम है तो कैल्शियम शरीर में नहीं जा पाता और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में कैल्शियम अगर पूरा ले भी रहे हैं तो भी उसका फायदा नहीं मिलता। 

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