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UPSC रिक्रूटमेंट में पिछले चार सालों से सीटों की संख्या में लगातार हो रही कमी

February 7, 2020

सरकार द्वारा जारी आकड़ों के मुताबिक़ पिछले चार वर्षों में संघ लोक सेवा आयोग या यूपीएससी द्वारा भर्ती किए गए सिविल सेवा कर्मियों की संख्या में गिरावट आई है|यह आकड़ा पिछले चार सालों से साल दर साल गिरता ही जा रहा है|

राज्यसभा में केन्द्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी कि 2015-16 में यूपीएससी द्वारा कुल 3,750 उम्मीदवारों की भर्ती निकाली गई थी, जबकि 2016-17 में 3,020, 2017-18 में 3,083 और 2018-19 में यह संख्या 2,352 को पहुंच गई|

मंत्रालय द्वारा दी गई एक अन्य जानकारी की मुताबिक मार्च 2018 तक केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 6.83 लाख से अधिक पद खाली थे। व्यय विभाग की वेतन और अनुसंधान इकाई की वार्षिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए, सिंह ने निचले सदन को एक लिखित जवाब में कहा कि
1 मार्च,2018 तक कुल 38,02,779 स्वीकृत पदों में से, 31,18,956 कर्मचारी ही कार्यरत थे।

UPSC सिविल सेवा सहित विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन करता है – IAS, IPS, IFS और अन्य लोगों के बीच – प्रतिवर्ष विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा अधिसूचित परीक्षा के नियमों के अनुसार और अभ्यर्थी मंत्रालयों या विभागों द्वारा निर्धारित रिक्तियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों की सिफारिश करता है।

UPSC कंबाइन डिफेन्स सर्विस , इंडियन फारेस्ट सर्विस , कंबाइन मेडिकल सर्विस , कंबाइन जीओ -साइंटिस्ट और जियोलॉजिस्ट, इंडियन इकनोमिक सर्विस और भारतीय सांख्यिकीय सेवा और इंजीनियरिंग सर्विसेज जैसी परीक्षाएं भी आयोजित करता है।

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