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MIT स्टडी:गर्म आर्द्र जलवायु के साथ COVID-19 के ट्रांसमिशन का है लिंक

March 27, 2020

MIT के एक शोध के मुताबिक़ आद्रता(नमी) और तापमान का कोरोना वायरस के संचरण को धीमा करने के साथ लिंक है| अमेरिका में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के कासिम बुखारी सहित अन्य वैज्ञानिकों ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में COVID -19 संक्रमणों की संख्या के आंकड़ों का आकलन किया और इसकी तुलना सभी क्षेत्रों के मौसम के दो मापदंडों से की – तापमान और नमी।

SSRN रिपॉजिटरी में वर्णित निष्कर्षों से पता चलता है कि नावेल कोरोनवायरस, SARS-CoV-2 का 90 प्रतिशत ट्रांसमिशन 22 मार्च 2020 तक 3 और 17 डिग्री सेल्सियस के बीच के तापमान वाले क्षेत्रों में हुआ है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में 4 से 9 ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर (g / m3) अब्सोल्युट हुमिडीटी है|यह वायुमंडल के प्रति क्यूबिक मीटर में जल वाष्प की मात्रा को पता करने का उपाय है।

MIT के वैज्ञानिकों के अनुसार, जनवरी-फरवरी-मार्च की शुरुआत में औसत तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान और 9 g / m3 से अधिक नमी वाले देशों में कुल मामलों की संख्या 6 प्रतिशत से कम है।

उन्होंने कहा कि ओवरआल ग्रोथ रेट एशिया, मध्य पूर्वी और दक्षिण अमेरिकी देशों के कई हिस्सों में कम है, हालांकि इन देशों ने चीन, यूरोप और कुछ अमेरिकी राज्यों जैसे ड्रास्टिक क्वारेंटीन उपायों को भी लागू नहीं किया है|

इस ऑब्जरवेशन के आधार पर, उन्होंने सुझाव दिया कि नॉन टेस्टिंग कम से कम ऊपर सूचीबद्ध देशों के लिए एक मुद्दा नहीं है, और इनमें से कई देश ग्लोबल ट्रेवल हब हैं जिनमें हजारों लोग रोजाना देश में प्रवेश करते हैं और बाहर निकलते हैं। इन कारकों का हवाला देते हुए, शोधकर्ताओं ने तर्क दिया कि मोबिलिटी और क्वारेंटीन के अलावा अन्य कारक वायरस के ट्रांसमिशन को धीमा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि यह भी तर्क दिया गया कि भारत, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और अफ्रीकी देशों में टेस्टिंग काफी कम है|और साथ ही सिंगापुर, यूएई और सऊदी अरब जैसे कई देशों में प्रति मिलियन लोगों पर 2019-एनओसीवी टेस्टिंग अमेरिका, इटली और कई यूरोपीय देशों की तुलना में कम है।

हालांकि, वैज्ञानिकों ने आगाह किया कि निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए वर्तमान में उपयोग किए जाने वाले डेटा में कई बातों का जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा हमारे निष्कर्ष वर्तमान में उपलब्ध डेटा पर आधारित हैं, जिनमें कई चीज़ें अज्ञात हैं,जैसे कि वायरस कैसे बदल रहा और विकसित हो रहा है, केस फर्टिलिटी रेसिओ , प्रजनन संख्या और प्रत्यक्ष बनाम अप्रत्यक्ष ट्रांसमिशन,” शामिल हैं |

शोधकर्ताओं ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि यह परिणाम “किसी भी तरह से सुझाव नहीं है कि 2019-एनसीओवी गर्म आर्द्र क्षेत्रों में नहीं फैलेंगे।

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