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कोरोना वायरस पर डिसइंफेक्टेंट का छिड़काव हो सकता है बेअसर: WHO

May 17, 2020

दुनियाभर के तमाम देशों में गलियों, रास्तों और सड़कों को डिसइंफेक्ट करने के लिए डिसइंफेक्टेंट का इस्तमाल किया जा रहा है|लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके इस्तमाल को लेकर सवाल खड़ा किया है|

WHO ने ऐसा करने पर चेतावनी देते हुए कहा है कि डिसइंफेक्टेंट(रोगाणुनाशकों) के इस्तेमाल से कोरोना वायरस ख़त्म होने वाला नहीं है बल्कि इसका स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है|

इसपर डब्ल्यूएचओ ने शनिवार को स्वच्छता और सतह को डिसइंफेक्ट करने के लिए एक गाइडलाइन जारी की जिसमें बताया गया है कि रोगाणुनाशकों का छिड़काव बेअसर हो सकता है|

डब्ल्यूएचओ का कहना है, “बाहर की जगह जैसे सड़क, रास्ते या बाज़ारों में कोरोना वायरस या किसी अन्य रोगाणु को ख़त्म करने के लिए रोगाणुनाशकों का छिड़काव चाहे वो गैस के रूप में ही क्यों न हो इसके इस्तेमाल की सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि धूल और गर्द से ये कीटाणुनाशक बेअसर हो जाते हैं.”

WHO द्वारा डिसइंफेक्टेंट को लेकर जारी किये गाइडलाइन मुख्य बातें : –

  • ये शारीरिक और मानसिक रूप से नुक़सानदेह हो सकता है|
  • सड़कें और फुटपाथ ‘कोरोना वायरस के पनाहगाह’ नहीं हैं|
  • किसी भी सूरत में इंसानों पर कीटाणुनाशकों के छिड़काव की सलाह नहीं दी जाती है|
  • किसी संक्रमित व्यक्ति के छींकने व संपर्क से दूसरे सामान्य व्यक्ति में कोरोना संक्रमण होने की क्षमता को यह प्रभावित नहीं करता|
  • क्लोरीन या किसी अन्य जहरीले रसायन के इस्तेमाल से आंखों या त्वचा में जलन, सांस की तकलीफ़ या पेट और आंत की बीमारी हो सकती है|
  • घर के भीतर रोगाणुनाशकों के इस्तेमाल पर भी चेतावनी दी है|

घरों के भीतर डिसइंफेक्टेंट का इस्तमाल करने को लेकर WHO ने कहा कि किसी भी सतह को डिसइंफेक्ट करने के लिए इसे कपड़े से भिगोकर पोछा जाना चाहिए|

ये विषाणु कुछ किस्म की सतह पर कई दिनों तक अस्तित्व में रह सकता है| लेकिन इस बारे में पक्की जानकारी उपलब्ध नहीं है कि कोरोना वायरस किस किस्म की सतह पर कितनी देर पर जीवित रह सकता है|

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