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विश्व पर्यावरण दिवस: साल का थीम है “Biodiversity”, 10 लाख प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर

June 5, 2020

विश्व पर्यावरण दिवस एनवायर्नमेंटल एक्शन के लिए सबसे प्रसिद्ध दिन है जिसे 1974 के बाद से, हर साल 5 जून को मनाया जाता है| इसका उद्देश्य आकर्षक पर्यावरणीय मुद्दे पर ध्यान खींचने के लिए सरकारों, व्यवसायों, मशहूर हस्तियों और नागरिकों को शामिल करना।जर्मनी के साथ साझेदारी में इस दिन की मेजबानी कोलंबिया करेगी।

इस साल का थीम है “Biodiversity”

जैव विविधता वह नींव है जो भूमि और पानी के नीचे सभी जीवन का समर्थन करती है। यह मानव स्वास्थ्य के हर पहलू को प्रभावित करता है जैसे कि स्वच्छ हवा और पानी, पौष्टिक खाद्य पदार्थ, वैज्ञानिक समझ और दवा स्रोत, प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता और जलवायु परिवर्तन

पर्यावरण में इंसानों के बढ़ते हस्तक्षेप के चलते फिलहाल में 10 लाख प्रजातियां विलुप्त होने का सामना कर रही हैं|आपको बता दे की हमने पिछले वर्षों में 80 लाख से भी ज्यादा जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों को विलुप्त कर दिया है।

क्या आपको पता है, प्रत्येक वर्ष, समुद्री पौधे हमारे वायुमंडल की ऑक्सीजन के आधे से अधिक का उत्पादन करते हैं, और एक परिपक्व पेड़ हमारी हवा को साफ करता है, जो 22 किलो कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है और बदले में ऑक्सीजन छोड़ता है।

मानवीय गतिविधियों के कारण समुद्र का 66 फीसदी हिस्सा आज गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। समुद्र में करीब 400 डेड जोन माने गए हैं, जहां तमाम समुद्री प्रजातियों का जीवन कठिन हो चुका है। यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि दुनिया में जितना कार्बन उत्सर्जन होता है, उसका 60 फीसदी हिस्सा अकेले समुद्र ही झेलता है।

जब जब हम जैव विविधता को नष्ट करने का काम करते हैं तब हम मानव जीवन का समर्थन करने वाली प्रणाली को नुकसान पहुंचाते हैं। इस बात का प्रमाण है COVID-19, वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बीमारी का वायरस इंसानो में जानवरों से आया है|

यूनाइटेड नेशन के ऑफिसियल पोर्टल के मुताबिक़ मनुष्यों में सभी उभरती संक्रामक बिमारियों में से लगभग 75 फीसदी ज़ूनोटिक है,जिसका मतलब हुआ कि यह जानवरों से लोगों में फैली है|

एक अनुमान है कि कोरोना वायरस के कारण होने वाली बीमारियों से हर साल 1 बिलियन लोग प्रभावित होते हैं और लाखों लोगों की इससे मौत हो जाती है|

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