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दूसरे लूनर मिशन चंद्रयान-2 के लांच करने की तिथि 9 जुलाई से 16 जुलाई के बीच, 6 सितंबर तक पहुंचेगा चाँद पर

May 2, 2019

भारत के दूसरे लूनर मिशन चंद्रयान-2 के लांच करने की तिथि 9 जुलाई से 16 जुलाई के बीच निर्धारित की गई है | इसरो ने कहा कि यह 6 सितंबर के आस पास लगभग लांच करने के दो महीने बाद यह चन्द्रमा पर लैंड करेगी | और यह चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव के पास होगा |

माना जा रहा  है कि चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव में बर्फ और अन्य खनिज है, और इंटरनेशनल स्पेस एक्सपीडिशन के साथ नासा 2024 तक अंतरिक्ष यात्रियों को वहां भेजने की योजना बना रही है, जबकि चीन ने अगले एक दशक के भीतर चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव पर एक वैज्ञानिक अनुसंधान स्टेशन बनाने की योजना बनाई है।

चंद्रयान -2 पूरी तरह से स्वदेशी मिशन है जिसमें तीन मॉड्यूल शामिल हैं:- ऑर्बिटर, लैंडर जिसका नाम ‘विक्रम’ है, और ‘प्रज्ञान’ नाम का एक रोवर है और इसे GSLV-MkIII रॉकेट द्वारा लॉन्च किया जाएगा। GSLV-MkIII थ्री स्टेज हैवी लिफ्ट लॉन्च वेहिकल है जिसे चार-टन वर्ग के उपग्रहों को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चंद्रयान -1 मिशन को पीएसएलवी के द्वारा लॉन्च किया गया था।

इसरो के अनुसार, चंद्रयान -2 का वजन लगभग 3,290 किलोग्राम है। यह चन्द्रमा की परिक्रमा करता है और यह रिमोट सेंसिंग है। इसरो का कहना है, ” पेलोड्स चंद्र संबंधी टोपोग्राफी, खनिज विज्ञान, तात्विक बहुतायत, लूनर एक्सोस्फीयर और जल-बर्फ की वैज्ञानिक जानकारी एकत्र करेंगे। ”

जीएसएलवी मार्क-3 चंद्रयान 2 आर्बिटर और लैंडर को धरती की कक्षा में स्थापित करेगा, जिसके बाद उसे चांद की कक्षा में पहुंचाया जाएगा। चांद की कक्षा में चंद्रयान-2 के पहुंचने के बाद लैंडर निकलकर चांद की धरती पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।

The Hindu

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