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हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बढ़ रही जॉब की संभावनाएं

May 6, 2019

योजना आयोग (अब निति आयोग) के अनुसार भारतवर्ष में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की औसत विकास दर 14% के करीब है| भारतीय होटल उद्द्योग में पिछले कुछ वर्षों से भारी निवेश हो रहा है|देशी तथा विदेशी दोनों तरह की पूजीं इस सेक्टर में लग रही है,यहां तक कि भारतीय निवेशक अब दूसरे मुल्को में होटल खोलते नजर आ रहे हैं| इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह हुआ है कि हॉस्पिटैलिटी के सेक्टर में रोजगार और करियर के अवसर भी बहुतायत में बढ़ रहा है|

मोटा-मोटी तौर पे हॉस्पिटैलिटी के सेक्टर को तीन भागों में बाटा जाता है:- Accomodation ( ठहरने की व्यवस्था), Food& Services(खान-पान) तथा Tourism से जुड़े सहकार्य| इन तीनो भागों में पढ़ाई और ट्रेनिंग हेतु अलग-अलग कोर्स हैं, जिनकी पढ़ाई प्राइवेट तथा पब्लिक इंस्टिट्यूट में BSc.(Hospitality & Hotel Administration) डिग्री के रास्ते होती है| कई जगह B.Sc. (Hotel Management & Catering Technology) के नाम से ये डिग्री कोर्स आयोजित किया जाता है|

शैक्षणिक योग्यता तथा कोर्स:

अधिकांश अच्छे इंस्टिट्यूट में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा से होकर गुजरना होता है , जिसमे बारहवीं पास विद्यार्थी बैठ सकते हैं| साथ ही अंग्रेजी विषय का होना अनिवार्य है|

कोर्स के अंतर्गत अलग-अलग इंस्टिट्यूट में प्रमुख हिस्से इस प्रकार हैं- मैनेजमेंट से जुड़े मौलिक सिद्धांत, बिसनेस इंग्लिश फिनेंसिअल मैनेजमेंट एवं एकाउंटिंग, बिसनेस लॉ , स्ट्रेटेजी, मार्केटिंग, आर्गेनाइजेशन विहेवियर, ह्यूमन रिसोर्सेस आदि जिनके द्वारा विद्यार्थी प्रशासनिक और प्रबंधन में अपनी भूमिका समझते हैं| इसके अलावा हॉस्पिटैलिटी के तीनों सेक्टर की बात करें तो Accomodation सेक्टर में जो विषय आते हैं, वो हैं- Front Office Operations, HouseKeeping,Hotel Engineering, Accomodation Management आदि| Food Services में मुख्यतः Food एवं Bevarages, Production & Services, Nutrition एवं Food Services आदि| Tourism से जुड़े क्षेत्र की पढ़ाई में Travel & Tourism Management, Public Relations, Event Management जैसे विषयों का समावेश मिलेगा| वैसे अलग-अलग इंस्टिट्यूट का कोर्स और सिलेबस काफी अलग भी रहता है| जैसे उदाहरण के लिए Culinary Institutes में, जो कि खान-पान के विशेष संस्थान होते हैं- वहां खाना बनाने-पकाने, उसे सजाने परोसने, इत्यादि के विषय में विशेष जोर रहता है|

हॉस्पिटैलिटी के प्रमुख इंस्टिट्यूट तथा शिक्षण संस्थान

इंस्टिट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट- कोलकाता, बैंगलोर, चेन्नई आदि शाखायें

इंस्टिट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट, कैटरिंग & न्यूट्रीशन, पूना, नई दिल्ली

इंस्टिट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट, कैटरिंग टेक्नोलॉजी & एप्लाइड न्यूट्रीशन- मुम्बई

दिल्ली इंस्टिट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट, कैटरिंग टेक्नोलॉजी- नई दिल्ली

डॉ अम्बेडकर इंस्टिट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग & न्यूट्रीशन- चंडीगढ़

प्राइवेट सेक्टर

SRM इंस्टिट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट – चेन्नई

YSR नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टूरिज्म & हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट-हैदराबाद

चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ़ होटल मैनेजमेंट & कैटरिंग टेक्नोलॉजी- मोहाली

इकोल होटेलिटी- लवासा

WGSHA, मनिपाल यूनिवर्सिटी

यहां ध्यान देने बात ये है कि अधिकांश इंस्टिट्यूट में दो सौ से तीन सौ के बीच सीट उपलब्ध रहती है, परन्तु हरेक में पढ़ाई का खर्च ढाई लाख के लगभग आता है, सिवाय अंतिम दो के जिसमे खर्च दस लाख के उपर जाएगा|

करियर/ नौकरी:

हॉस्पिटैलिटी का कोर्स करने के साथ नौकरियों की कमी नहीं है| विद्यार्थी तरह तरह के कार्य क्षेत्र में जा सकते हैं, जैसे Front Officer, House Keeping,

Accomodation, Food & Beverages आदि से जुडी जिम्मेदारी में| मैनेजमेंट के विषयों को पढ़े हुए छात्र टूरिज्म से जुडी कई शाखाओं और संस्थाओं में रोजगार पा लेते हैं जैसे Air Lines, Airport, Seaports, Cruise Liners, Road & Rail Transport & Corporaition, Hospital, Retail Firms, Entertainment आदि| कुल मिलाकर हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र मे माध्यम दर्जे की नौकरी से लेकर ऊँचे से ऊँचे जाने की संभावनाएं रहती हैं|

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