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WHO: 2023 तक औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस फैट का इस्तमाल नहीं होगा

May 10, 2019

ट्रांस फैट भोजन में पाए जाना वाला सबसे ख़राब फैट है| इसे 2023 तक औद्योगिक रूप से उत्पादित वैश्विक खाद्य आपूर्ति से समाप्त किया जा सकता है यदि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सही तरह से अपना तरीका अपनाये । हर साल कोरोनरी हृदय रोग से ग्लोबल लेवल पर 5,00,000 से अधिक मौतें होती हैं|

WHO ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इंटरनेशनल फ़ूड एंड बेवरेज अलायन्स  (IFBA) के साथ साझेदारी की और कहा की: “औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस फैट को खत्म करना जीवन को बचाने और एक स्वस्थ फ़ूड सप्लाई के लिए सबसे सरल और प्रभावी तरीकों में से एक है।”

IFBA के सदस्यों ने यह सुनिश्चित किया कि वे 2023 तक ग्लोबल लेवल पर अपने उत्पादों में 2 ग्राम प्रति 100 ग्राम वसा / तेल ट्रांस फैट की इंडस्ट्रियल  लिमिट को पार नहीं करेंगे|

ट्रांस फैट बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के साथ-साथ गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को भी कम कर देता है | ट्रांस फैट दो तरह से किसी फ़ूड में पाया जाता है- नैचुरली और आर्टिफीसियल

नैचुरली: यह कुछ जानवरों के आंत में उत्पन्न होते हैं। एनिमल फ़ूड  (जैसे, दूध और मांस उत्पाद) के वसा में कम मात्रा हो सकता है|

जबकि आर्टिफीसियल इंडस्ट्रियल प्रोसेस के द्वारा हाइड्रोजन को तरल वनस्पति तेलों में मिलाकर अधिक ठोस कर बनाया जाता है। इसका सबसे अधिक उपयोग इंडस्ट्रियल फ़ूड में होता है | 

The Hindu

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