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25 मई: विश्व थायराइड दिवस

May 27, 2019

हर साल 25 मई को विश्व स्तर पर विश्व थायराइड दिवस के रूप में मनाया जाता है | जिसका उद्देश्य लोगों को थायराइड के रोकथाम और उपचार के लिए जागरूप करना है |विश्व थायराइड दिवस 2008 में यूरोपीय थायराइड एसोसिएशन और अमेरिकन थायराइड एसोसिएशन के नेतृत्व में एक अभियान के हिस्से के रूप में स्थापित किया गया था, ताकि थायराइड रोगों की व्यापकता पर जोर दिया जा सके, शिक्षा और रोकथाम कार्यक्रमों की तत्काल आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया जा सके और नए उपचार के तौर तरीकों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके ।

भारत में हर 2400 शिशुओं में से एक को जन्म से थायराइड हार्मोन की कमी होती है। 85% नवजातों में थायराइड के लक्षण न दिखने पर भी इस हार्मोन की कमी होती है। वहीं भारत के 34 फीसदी लोग थायराइड की समस्या से ग्रसित हैं|

थायराइड ग्रंथि

गले के निचले हिस्से में तितली के आकर की थायराइड ग्रंथि होती है | इसका काम शरीर के लिए थायराइड हार्मोन बनाना, संग्रह करना और उसे रक्त में पहुंचना होता है।

कार्य

थायराइड हार्मोन मेटाबोलिज्म (चयापचय) और ऊर्जा के उपयोग को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शरीर के लगभग सभी अंगों को प्रभावित करते हैं। इसे मेटाबोलिज्म का मास्टर ग्रंथि भी कहतें हैं|

शरीर में थायराइड की मात्रा कम होने की स्थिति को ‘हाइपोथायरॉइडिज्म’ और अधिक होने को ‘हाइपरथाइरॉइडिज्म’ कहा जाता है।

शरीर की मेटाबोलिक दर को नियंत्रित करने के लिए यह T4 कार्य (थायरोक्सिन) और T3 (ट्राईआयोडोथायरोनिन) हार्मोन का उत्पादन करता है जो शरीर में कोशिकाओं को ऊर्जा का उपयोग करने का निर्देश देते हैं।

प्रभाव

थायराइड की मुख्य समस्या गर्भवती महिला और नवजात बच्चों में देखी जाती है। इससे बच्चों का मानसिक विकास प्रभावित होता है।

उपचार के बिना, हाइपोथायरायडिज्म गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकता है, जैसे कि बांझपन और हृदय रोग।

थायराइड हार्मोन शरीर के वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। थायराइड हार्मोन की कमी के चलते वजन में वृद्धि होती है जबकि अधिक हार्मोन के परिणामस्वरूप वजन कम हो सकता है।

रोकथाम

स्वश्थ थायराइड ग्रंथि के लिए अधिक मात्रा में आयोडीन का सेवन करना चाहिए |

नट्स और एंटीऑक्सीडेंट (स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी और रंगीन सब्जियां) का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए|

सही समय पर थायराइड की जांच कराना चाहिए |

प्रोटीन और फाइबर को भोजन में शामिल किया जाना चाहिए।

भारत की सबसे पुरानी मॉडर्न यूनिवर्सिटी कलकत्ता यूनिवर्सिटी
भारत की सबसे पुरानी आधुनिक यूनिवर्सिटी कलकत्ता यूनिवर्सिटी

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